अर्जुनविषादयोग

 

अपने बंधुओं से युद्ध करे या न करे ? भ्रमित मनः स्थिति की  इतनी सुंदर व्याख्या किसी भी ग्रन्थ मे नहीं है। यह मनुष्य  की उस स्थिति को व्यक्त करता है जब उसका मन परिस्थितिवश असंतुलित और भ्रमित अवस्था का शिकार होता है । ऐसी अवस्था में किसी भी मनुष्य को यह अध्याय मार्गदर्शन प्रदान करता है।

 

अर्जुनविषादयोग की व्याख्या- 61/2 घंटे की इस प्रवचन में स्वामी जी ने अर्जुन की मनः स्थिति को हमारे दैनिक जीवन में आने वाली ऐसी भ्रमित अवस्था से तुलना करते हुए उससे बाहर नीकलने के लीए मार्गदर्शन प्रदान किया है।
 

सुने इन्टरनेट आरकाईव में

 

 

 

 

डाउनलोड करे इन्टरनेट आरकाईव से जीप फाईल

 

एम पी 3 डाउनलोड करे विन्डो लाईव से

 

चिन्मय मिशन

चिन्मय मिशन एक आध्यात्मिक संस्था है जो गुरुदेव स्वामी चिन्मयानन्द जी  द्वारा स्थापीत की गई. शेष ...

वेदान्त अध्ययन