प्रत्यक-तत्त्व-विवेक
प्रत्यक्-तत्व-विवेक नामक पहले अध्याय में
सम्पूर्ण ग्रन्थ का सार प्रस्तुत कर दिया गया है। उसी का
विस्तार शेष समस्त अध्यायों में हुआ है।
मंगलाचरण, आत्म चेतना की नित्यता, पंचकोश विवेक से लेकर
समाधी का वर्णन इस अध्याय में है।
प्रवचन का समय- 9 घंटे
फाईलों का भार - 124.33 एम बी
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