परम पूज्य भगवान आदि शंकराचायॅ

भारतीय संस्कृति का आधार वेदान्त दर्शन है। उपनिषद्, ब्रह्मसूत्र और श्रीमद् भगदगीता में इस दशॅन का प्रतिपादन किया गया है। आदि शंकराचार्य जी ने इन ग्रन्थों पर भाष्य लिख कर अद्वैत वेदान्त की स्थापना की । आज वही सर्वाधिक वैज्ञानिक और व्यावाहारीक होने के कारण भारत ही नहीं समस्त विश्व में आदरणीय है।


