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पितामह सदन, मंधना, कानपुर


 अवकाश प्राप्त वरिष्ठ नागरिकों की सेवा के लिए पूज्य गुरुदेव के मन में एक विशिष्ट कल्पना थी। जहाँ कहीं अवसर मिला उन्होने देश के विभिन्न भागों में कई पितामह सदन स्थापित किए। उनमें से मद्रास, कोयम्बटूर, रीवा और कानपुर के पितामह सदन प्रमुख है। स्थानीय परिवेश के कारण इन सबका बाहरी स्वरुप कुछ भिन्न है। कानपुर का पितामह सदन सबसे अन्त में उद्भूत हुआ। यह कानपुर से करीब 10 किलोमिटर उत्तर में आई.आई.टी की तरफ सें बिठुर जाने वाले रास्ते में मंधना नामक स्थान पर स्थित है। पितामह सदन, कानपुर, इस समय चिन्मय मिशन के हिन्दी गतिविधीयों का एक महत्वपूर्ण केन्द्र है। इस समय पितामह सदन, मंधना, कानपुर में लगभग 30 पितामह और 10  कर्मचारी रहते है। सबको अन्नक्षेत्र से भोजन मिलता है। आश्रमवासियों को अपने कमरे में भोजन बनाने की स्वीकृति नहीं है। उनका अधिकांश समय मंदिर की आरती, सत्संग, प्रवचन सुनने, स्वाध्याय करने, जप करने और ध्यान करने में व्यतीत होता है। वे आश्रम के लिए अपनी सेवायें अर्पित करते है। कार्यालय , पुस्तक प्रकाशन, चिन्मय चन्द्रिका, चिकित्सालय तथा बाजार का कार्य उन्ही के द्वारा होता है।

 

पितामह सदन, मंधना, कानपुर के विकास में परम पूज्य स्वामी शंकरानन्द जी का बड़ा योगदान रहा है। वेदान्त के प्रचार प्रसार के लिए इस वेबसाईट को र्निमाण भी उन्ही के र्निदेशन में हुआ। उनके महाप्रयाण के बाद इस समय पितामह सदन के आचार्य पूज्य ब्रह्मचारी विश्वेश चैतन्य जी है।  

                    

परम पूज्य स्वामी शंकरानन्द जी के बारे में जानें। यहाँ क्लिक करे ।


पितामह सदन कानपुर के लिए निम्नलिखित पते पर सम्पर्क स्थापीत किया जा सकता है।


 

प्रबन्धक,

पितामह सदन,

चिन्मय मिशन,

मंधना, कानपुर