पञ्चदशी

 

श्री विद्यारण्य स्वामी की अन्य सभी रचनाओं की अपेक्षा 'पञ्चदशी' अधिक लोकप्रिय हुई है। इसमे अद्वैत वेदान्त का निरुपण क्रमबद्घ, स्पष्ट और सविस्तार हुआ है। यद्यपि इसमे विरोधी मतों के खण्डन का प्रयास नहीं किया गया है फिर भी प्रतिपाद्य विषय को स्पष्ट करने के लिए उनमें दोष अवश्य दिखाये गये हैं। ग्रन्थ का मुख्य उद्देश्य वेदान्त में रुचि रखने वाले व्यक्तियों को उसका सुखपूर्वक सम्यक् ज्ञान कराना ही है। लेखक ने इस विषय का प्रमाण उपनिषद् माना है, इसलिए मन्त्रों को उद्धृत करने मे कोई संकोच नहीं किया गया है। तर्क उपनिषद् प्रतिपादित सत्य का अनुगामी रहा है। तदनुरूप अनुभव प्राप्त करना उसका अन्तिम प्रमाण है। उसके साथ वेदान्त ज्ञान का फल जुड़ा हुआ है। ब्रह्म और आत्मा के एकत्व ज्ञान के अनुभव में ही कृत्कृत्यता, मुक्ति और् परमानन्द की उपलब्धि है। 

 

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चिन्मय मिशन

चिन्मय मिशन एक आध्यात्मिक संस्था है जो गुरुदेव स्वामी चिन्मयानन्द जी  द्वारा स्थापीत की गई. शेष ...

वेदान्त अध्ययन