वेदान्त विषयों का अध्ययन
वेदान्त का अर्थ है वेदों का अंतिम निर्णीत सिद्धान्त । वेद चार है ऋग, साम, यजुर और अर्थव । इनकी गणना संसार के प्राचीन और सर्वश्रेष्ठ साहित्य में की जाती है।इसमें प्रतिपादित सत्य सार्वभौमिक और सार्वकालिक है । सभी देशों के मूर्धन्य विद्धानों ने इसे स्वीकार किया है । इस ज्ञान से मनुष्य मात्र को परिचित कराना हमारा सबसे बडा धर्म है । वेदान्त -दर्शन का विवेचन अनेक आचार्यों ने देश काल के अनुरुप सर्व सुलभ रुप में किया है । हम यहाँ आदि शंकराचार्य की व्याख्या का अनुसरण करेंगे ।उनका जीवन काल 1200 वर्ष पूर्व माना जाता है । उन्होंने वेदान्त ग्रन्थों पर भाष्य लिखे और मधुर भाषा में छन्दबद्ध स्वतन्त्र ग्रन्थ भी लिखे।
वेदान्ती जीवन दर्शन का ज्ञान प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित विषयों का अध्ययन करना चाहिए ।