उपदेश सारम् - एम पी थ्री

 

उपदेश सार श्री रमन महर्षि द्वारा रचित वेदान्त का बहुत संक्षिप्त और सारगर्भित प्रकरण ग्रन्थ है। भगवान श्री रमन महर्षि का शब्दों से परिचय देना सूर्य देवता को दिये दिखाने जैसा है। वेदान्त तो जैसे उनके रोम रोम मे था। वेदान्त व्यावहारीक है इसका उदाहरण उनके जीवन चरित्र से भली भांति प्रदर्शित होता है। आज यही जीवन चरित्र विश्व के असंख्य लोगो के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

 

वक्ता परिचय

 

बाबाजी (परम पूज्य स्वामी शंकरानन्द जी) का सारा जीवन मिशन के आध्यात्मिक कार्यो को आगे बढ़ाने में लगा रहा। गुरुदेव के कई ग्रंथो का हिन्दी अनुवाद करना और पंचदशी जेसे ग्रन्थो की व्याख्या करना अपने जीवन में उनका मुख्य योगदान रहा है। वो पुस्तकों से नहीं अपने अनुभव से व्याख्या करते थे। हिन्दी अध्यात्मिक जगत को उनका योगदान अतुलनीय है।

 

उनके द्वरा उपदेश सार पर व्याख्या "मैं" का ज्ञान द्वारा तुरन्त बोध कराने का मार्ग प्रशस्त करती है।  

 

ई पुस्तक व्याख्याकार

 

परम पूज्य स्वामिनि अमितानन्द जी वेदान्त के मर्मज्ञ है। उनकी उपदेश सार पर व्याख्या संपूर्ण वेदान्त का परिचय करवाता है। पूज्य स्वामिनि जी वेदान्त मिशन, ईन्दोर के गुरुजी परम पूज्य आत्मानन्द सरस्वती जी (जो गुरुदेव स्वामी चिन्मयानन्द द्वारा दीक्षित है) की शिष्या है। हम उनका आभार प्रकट करते है। उनकी कृपा से यह ई पुस्तक हमे नेट पर निःशुल्क उपलब्ध है।     

 

 

 

 

पी डी एफ फाईल डाउनलोड-

 

एम पी थ्री प्रवचन बाबाजी द्वारा

 

सुने इन्टरनेट आरकाईव में

 

 

डाउनलोड करे इन्टरनेट आरकाईव से जीप फाईल

 

 

एम पी 3 डाउनलोड करे विन्डो लाईव से

चिन्मय मिशन

चिन्मय मिशन एक आध्यात्मिक संस्था है जो गुरुदेव स्वामी चिन्मयानन्द जी  द्वारा स्थापीत की गई. शेष ...

वेदान्त अध्ययन